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सरकती जाये है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता - अमीर मीनाई

सरकती जाये है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता Ghazal :सरकती जाये है रुख़ से नक़ाब Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : अमीर मीनाई / Amir Meenai Realesed : 1977 सरकती जाये है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता निकलता आ रहा है आफ़ताब आहिस्ता आहिस्…

रात भी, नींद भी, कहानी भी - फ़िराक़ गोरखपुरी

रात भी, नींद भी, कहानी भी Ghazal :रात भी, नींद भी, कहानी भी Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : फ़िराक़ गोरखपुरी / Firaq Gorakhprui Realesed : 1977 रात भी, नींद भी, कहानी भी हाय, क्या चीज़ है जवानी भी दिल को शोलों से करती है सेराब…

किसी रंजिश को हवा दो - सुदर्शन फ़ाकिर

Ghazal :किसी रंजिश को हवा दो Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : सुदर्शन फ़ाकिर / Sudarshan Faakir Realesed : 1977 किसी रंजिश को हवा दो के मैं ज़िंदा हूँ अभी मुझको अहसास दिला दो के मैं ज़िंदा हूँ अभी मेरे रुकने से मेरी साँसें भी रुक …

ग़म बढ़े आते हैं क़ातिल की निगाहों की तरह - सुदर्शन फ़ाकिर

Ghazal :ग़म बढ़े आते हैं क़ातिल की निगाहों की तरह Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : सुदर्शन फ़ाकिर / Sudarshan Faakir Realesed : 1977 ग़म बढ़े आते हैं क़ातिल की निगाहों की तरह तुम छुपा लो मुझे, ऐ दोस्त, गुनाहों की तरह अपनी नज़रों में …

एक ना एक शम्मा अन्धेरे में जलाये रखिये - तारीक़ बदायुँनी

Ghazal :एक ना एक शम्मा अन्धेरे में जलाये रखिये Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : तारीक़ बदायुँनी / Tariq Badayuni Realesed : 1977 एक ना एक शम्मा अन्धेरे में जलाये रखिये सुब्ह होने को है माहौल बनाये रखिये जिन के हाथों से हमें ज़ख्म-…

दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले - सईद राही

Ghazal :दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : सईद राही / Saeed Rahi Realesed : 1977 दोस्त बन बन के मिले मुझको मिटाने वाले मैंने देखे हैं कई रंग बदलने वाले तुमने चुप रहकर सितम और भी ढाया मुझ पर तु…

दर्द बढ कर फ़ुग़ाँ ना हो जाये - जिगर मुरादाबादी

Ghazal :दर्द बढ कर फ़ुग़ाँ ना हो जाये Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : जिगर मुरादाबादी/ Jigar Moradabadi Realesed : 1977 दर्द बढ कर फ़ुग़ाँ ना हो जाये ये ज़मीं आसमाँ ना हो जाये दिल में डूबा हुआ जो नश्तर है मेरे दिल की ज़ुबाँ ना हो ज…

बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं - फ़िराक़ गोरखपुरी

Ghazal :बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : फ़िराक़ गोरखपुरी / Firaq Gorakhprui Realesed : 1977 बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं तुझे ए ज़िन्दगी, हम दूर से पहचान लेते हैं। तबियत अ…

आए हैं समझाने लोग - कुँवर मोहिन्दर सिंह बेदी 'सहर'

Ghazal :आए हैं समझाने लोग Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : कुँवर मोहिन्दर सिंह बेदी 'सहर' / Kunwar Mohindar Singh Bedi Realesed : 1977 आए हैं समझाने लोग हैं कितने दीवाने लोग दैर-ओ-हरम में चैन जो मिलता क्यूँ जाते मैख़ाने लोग …

बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जायेगी - कफ़ील आज़र

Ghazal : बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जायेगी Singer : जगजीत सिंह Poet/Shayar/Writer : कफ़ील आज़र / Kafeel Aazar Amrohvi Album/Movie : Grih Pravesh (गृह प्रवेश), the unforgettable Released : 1977 'बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जायेगी' जग…

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